Tenaliram Ke Kisse सर्दी के दिन की सच्ची मिठाई ! तेनालीराम के अजब-गजब किस्से जो हसी और सिख दे जाये.

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सुन्दर, लाजवाब और मजेदार तेनाली रामा की किस्सो के बारे मे कुछ लिखने का मन किया तो आज इस कहानी को लिख रहे है जो कई कहानिया हमने Short मे लिखी है. उसी प्रकार Tenaliram Ke Kisse In Hindi लेकिन थोड़ी शोर्ट मे एक-एक किस्सो से लिख रहे है. इससे पहले भी हमने बहुरुपिया और तेनालीराम के किस्से के बारे मे लिखा है जो आपको जरुर पढना चाहिए.

Tenaliram ke Kisse In Hindi

तेनालीराम stories बेहद ही मजेदार होती है. आपने भी Tenali Rama Story Serial मे या फिर कही पर पढ़ा होगा. चलिए आज उसी तेनाली रामा हिस्ट्री के कुछ मजेदार किस्से पढ़ते है जो आपके लिए सिख और गुदगुदी दोनों दे जाएगी. Chatur Tenaliram की बेहतरीन हिंदी कहानिया जो आज भी लोग पसंद करते है. चलिए आज के Tenaliram Ke Kisse In Hindi की शुरुवात यहा से करते है.

TenaliRam Ke Kisse होते ही मजेदार है. इस कहानी मे भी उसी प्रकार का रस दिखाई देगा लेकिन यह तेनालीराम short stories hindi मे लिखी गयी है जिससे यूजर को पढ़ने मे आसानी हो.

> एक और बढ़िया कहानी – राजा कृष्ण देवराय और चतुर तेनालीराम की शिक्षाप्रद कहानी.

तेनालीराम की किस्से हिंदी मे.

सर्दी के दिनो मे सुबह की हलकी धुप का आनंद लेते हुए राजा कृष्ण देवराय, तेनालीराम और राजपुरोहित बैठकर बाते कर रहे थे. अचानक राजा ने कहा, सर्दी का मौसम सबसे अच्छा होता है, अच्छा खाओ और तबियत बनाओ. खानेकी बाते सुनकर पुजारी के मुंह से पानी निकला. वह बोला महाराज सर्दी के मौसम मे तो मेवा और मिठाई खाने का आनंद ही अलग है.

‘अच्छा तो बताओ सर्दी के दिनों मे सबसे अच्छी कौनसी है?” पुजारी ने हलवा, मालपुए, पिस्ता की बर्फी आदि काफी सारी मिठाईयो के नाम गिनाये. राजा कृष्णदेव ने इन सभी मिठाइयो को मंगाया और पुजारी को कहा, ‘जरा खाकर देखिये, इनमे अच्छी वाली मिठाई कौनसी है? उस को तो सभी मिठाइया अच्छी लग रही थी अब वह कौनसी अच्छी कहेगा.

राजाने Tenali rama से पूछा तो वह बोला, ‘महाराज एक एसी मिठाई है की, जो इन सभी मिठाइयो से से स्वादिष्ट है लेकिन वह यहापर मिलती नहीं है. आज रात आप मेरे साथ चलेंगे तो मै आपको वह खिलाऊंगा. राजा कृष्ण देवराय ने भी हा कर दिया.

रात होने पर साधारण कपडे पहनकर राजा और पुजारी तेनाली रामा के साथ चलने लगे. चलते-चलते तीनो ही बेहद दूर चले गए. एक जगह दो-तीन आदमी आग जलाकर उसके सामने बाते करने मे मशगुल थे. यह तीनो वहा जाकर रुक गए. पास मे ही गुर्हल चालू था तेनालीरामा भी वहा पर गए और गरम-गरम गुड लेकर आया.

तेनालीराम की चतुराई.

अब देखिये आगे क्या होता है तेनालीराम की कहानियां : तेनालीराम और सोने के आम एसी बात हो जाएगी. गुड देकर Tenaliram उन दोनों के पास आया. अँधेरे मे ही राजा और पुजारी को थोडा-थोडा गुड देकर कहा, ‘लो सर्दी की सबसे अच्छी मिठाई’.

राजा कृष्णदेवराय ने गरम-गरम गुड खाया, उन्हे वह बेहद ही स्वादिष्ट लगा. उन्होंने कहा, ‘ वाह! कितनी संदर, स्वादिष्ठ मिठाई है, कहा से लाये? तभी Tenalirama को एक कोने मे पड़े पेड़ के पत्ते दिखाई दिए.

वह अपने जगह से उठे और कुछ पत्ते लेकर आया और उन्हे आग लगाई और फिर कहा, ‘महाराज यह मीठा गुड है, कैसा लगा आपको? क्या कहा “गुळ और इतना स्वादिष्ट” अब बताओ यह कैसे हुवा और क्या सोचा था तुमने इससे पहले?

‘महाराज सर्दी मे असली स्वाद तो गर्म पदार्थो मे होता है, यह गुड भी गर्म है इसीलिए यह इतना स्वादिष्ट है.’ यह सुनकर राजा कृष्ण देवराय हसने लगे और बोले सच मे तुम्हारी बात ही अलग है दुनिया हमेश याद रखेगी Tenaliram Ke Kisse हर चीज मे एक नया आयाम लेकर आते हो तुम.

इस Tenaliram Ke Kisse से क्या सिख मिली.

आज की तेनालीरामा की हिंदी कहानी से सिख मिलती है की आदमी को पहले अपने पास की चीजो पर गौर करना चाहिए तथा अपने आसपास के वातावरण मे हमेशा इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओ का स्वाद पहचानना चाहिए जो दूसरी चीजो से कई ज्यादा सुन्दर होती है.

इस प्रकार से तेनालीराम के चतुराई के छोटे किस्से, बड़े किस्से काफी सारे है जो आगे भी आपको पढ़ने को मिलेंगे अभी Subscribe करे हमारे Latest Notification जो हर नए Tenaliram Ke Kisse In Hindi पब्लिश होने पर उसकी जानकारी आपको देंगे. एसी हिंदी कहानिया जो आपको जरुर पसंद आएगी.

> जरुर पढ़े बेहतरीन हिंदी कहानी – बड़ो की सिख का अपमान करना जान पर आफत बन गयी.

कैसे लगे आपको तेनालीराम के चुटकले ? कृपयाकुछ समय देकर हमे जरुर बताये कमेंट के जरिये ताकि इसी प्रकार के मजेदार तेनालीराम के किस्से हिंदी मे और भी आपके लिए लिख सके जो आप चाहते है. अगर आपको हमारी तेनालीराम की हिंदी कहानिया पसंद आये तो Tenaliram Ke Kisse सोशल मीडिया मे जरुर शेयर करे.

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1 COMMENT

  1. बहुत ही अच्छी पोस्ट है। मैंने तेनालीराम के किस्से बहुत पढ़े हैं। कुछ किस्सो को लिखा भी है, प्रिंट मीडिया में। आज फिर तेनालीराम के बारे मे पढ़ कर अच्छा लिखा। कुछ भी हो आपकी लेखनशैली जबरदस्त है।

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