Hindi Story Padhe Likhe 4 Murkh ! Best Funny Story In Hindi

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प्रिय मित्रो, आज हम आपके लिए नए विषय के साथ एक नयी पोस्ट लिख रहे है जिसका नाम है Hindi Story Padhe Likhe 4 Murkh पर. दोस्तों हमें एक इमेल मिला जिसमे हमारे एक पाठक ने कहा की आप Hindi Story भी अपने ब्लॉग पर पब्लिश करे जिससे हमें सभी तरह के विषयो पर आपके ब्लॉग पर जानकारी प्राप्त हो जाये तो हमारे visitors का खयाल रखते हुए Hindi kahani के बारे में पहली पोस्ट आज हम अपडेट कर रहे है.

Hindi Story Padhe Likhe 4 Murkh

हमें बढ़ी ख़ुशी हो रही है के एक अच्छा विषय हमें हमारे विजिटर ने suggest किया उसके लिया हम उनका स्वागत करते है वैसे ही कोई Hindi kahaniya जैसे और कोई नया subject अगर आप suggest करना चाहे तो निचे कमेंट कर सकते है अगर हमें वह सब्जेक्ट पसंद आया तो हमें बड़ी ख़ुशी होगी उस विषय पर पोस्ट लिखने में. तो चलिए पढ़ते है मुख्य Hindi katha पर.

Hindi Story Padhe Likhe 4 Murkh.

Hindi Story Padhe Likhe 4 Murkh यह हिंदी कथा चार ब्राम्हण पुत्रो की है जो गुरुकुल में रहते थे और वहीपर वह अपने लिए विद्या ग्रहण कर रहे थे. बडाही मन लगाकर पढाई करने के बाद उन्होंने अपना सामान भरा जिसमे सिर्फ किताबे थी और कुछ दो जोड़ी कपडे थे उन्हें लेकर अपने घर की तरफ रवाना होने के लिए निकल पढ़े.

कुछ दूर जाकर एक दोराहा देखकर चारो ब्राम्हण पुत्र उलझन में पढ़ गए की अब यहाँ से कौनसे रास्ते से जाये. इस बारे में वे बैठकर विचार विनिमय करने लगे.

तभी महाजन जाती के कुछ लोग एक मूर्छित व्यक्ती का शव जलाने के लिए उसी दोराहे के रास्ते से होकर समशान घाट पर अंतिम संस्कार करने के लिए लेकर जा रहे थे वह उन ब्राम्हण पुत्रो को दिखाई दिए.

एक ब्राह्मण पुत्र ने किताब खोली और जोर-जोर से पढने लगा जिस रास्ते पर महाजन जैसे महापुरुष जाये उसी रास्ते पर सबको चलना चाहिए. बस फिर क्या थ चारो के चारो महाजनों के साथ साथ समशान घाट पहुच गए जहापर उन्होंने एक गधे को देखा.

दुसरे ब्राम्हण पुत्र ने किताब खोली और वह भी जोर-जोर से पढ़ने लगा- उत्सव में, संकट की घडी में, बुरे समय में, दुश्मनों के दुखी करने पर, राजा के दरवाजे पर और समशान घाट पर जो खड़ा हो वह भाई है.

चोरो का भाई.

और फिर क्या चारो ने गधे को अपना भाई मान लिया. कोई उसे गले से लगाने लगा तो कोई उसे प्यार से सहलाने लगा. और फिर उस गधे को भी अपने साथ लेकर आगे चल पढ़े. तभी सामने से एक ऊंट आता हुवा दिखाई दिया.

अब तीसरे की बारे आई उसने भी अपनी किताब खोली और पढ़ने लगा – धर्म की चाल तेज होती है और ऊंट भी तो तेज चल रहा है और फिर सबने ऊंट को भी धर्म मान लिया.

उसी क्षण अब बरी आई चौथे की उसने भी अपने किताब खोली और पढ़ने लगा- अपने प्रिय व्यक्ति को धर्म से मिलाना चाहिए” बस फिर क्या चारो ने गधे को ऊंट के गले से बाँध दिया.

तभी उस गधे का मालिक जो की एक धोबी थ अपने गधे को खोजता-खोजता आया तो उस ऊंट के गले में बंधा पाकर बहुतही तिलमिलाया और उन ब्राम्हण पुत्रो को मारने दौड़ा लेकिन वह वहासे भाग निकले.

आगे जाकर वह नदी के किनारे पहुचे उनमे से एकने नदी में पलास का पत्ता आते देखकर अपनी किताब पढ़ता है जो पत्ता आएगा वह हमें पार लगाएगा और तुरंतही वह उस पत्ते पर कूद पढ़ा.

नदी का बहाव तेज था वह उसे बहाने लगा तो दुसरे ने जब वह सब देखा की नदी का तेज बहाव इसे बहा ले जाएगा तो उसने भी किताब कोलकर पढ़ा- सर्वनाश आने पर विद्वान् लोग आधा छोड़ देते है.

यह पढ़कर उसने बहते हुए ब्राम्हण पुत्र की छोटी पकड़कर उसका सिर काट लिया. अब एक तो मर गया शेष 3 एक गाँव में पहुचे.

वहा गाँव के लोगो ने उन तीनो विद्वानों को अलग-अलग घरो में भोजन करने के लिए आमंत्रित किया. एक को घी परोसी गयी तो दुसरे को सिवैया.

फिर क्या उसने किताब खोली और पढने लगा- दीर्घ सूत्री, आलसी या लम्बे झूंड वाला नष्ट हो जाता है. यह पढ़कर बिना भोजन किये वह उठ गया.

दुसरे को पुरिया परोसी गयी उसने भी किताब निकाली और पढ़ने लगा- जिसका फैलाव अधिक हो, वह आयु को नहीं बढाता. वह भी बिना खाए पिए वहा से चला गया.

अब बारी आये तीसरे की उसके सामने पूरी-सब्जी परोसी गयी, वह कहा पीछे रहने वाला था उसने भी किताब पढनी शुरु करदी- छिद्र दोषों से बहुत बुराई जन्मती है. वह भी बिना खाए पिए वहा से चला गया. सारे गाँव में उन तीनो की हसी उड़ाई जाने लगी.

हिंदी कहानी से मिलने वाली सिख.

चारो ब्राम्हण पुत्रो ने बिना किसी मतलब के किताबो में लिखी बातो का उलटे-सीधे अर्थ निकाले लेकिन किसीने अपनी बुद्धि का इस्तेमाल नहीं किया की किस समय पर इसका इस्तेमाल करना है और अपना नुकसान किया, लोगो ने उनकी हंसी उड़ाई, तथा अपने एक भाई से भी हाथ धोना पढ़ा.

इसी से हमने इस kahani को  Hindi Story Padhe Likhe 4 Murkh यह शीर्षक देना उचित समजा.

इसीलिए किताबी ध्यान को समय के हिसाब से ही सही वक़्त पर इस्तेमाल करे न की कही भी. इसी के साथ ख़त्म होती है Hindi Story Padhe Likhe 4 Murkh.

तो कैसी लगी आपको Hindi Story Padhe Likhe 4 Murkh की कहानी, अगर आपको अच्छी लगी हो तो निचे comment बॉक्स में कमेंट जरुर करे. अगर आपके पास कोई Hindi story, Hindi Kahani मे आपका खुद का लिखा Guest post या Guest Aritcle हो जिसे इस ब्लॉग पर आप अपने नाम से पब्लिश होता देखना चाहते है तो हमें हमारे admin@hindimepadhe.com इस इमेल पर भेजे. ज्यादा जानकारी के लिए गेस्ट पोस्ट को पढ़े.

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