इंजीनियरिंग तो कई प्रकार के होते है जैसे की Electrical, Machanical, Software Engineer आदि होते है पर हम आपको Civil engineering basic knowledge in hindi के बारे में बताएंगे।

बचपन से ही बच्चों के माता पिता अपने बच्चों के Future के लिए, Curier के बारे में Decision ले लेते है कि उन्हें बड़े होकर क्या करना है।

आजकल के Parents बच्चो के ऊपर छोड़ देते है उन्हे जिस भी एरिया मे Interest हो उसी मे Study करनी चाहिए और उसमे उन्हें जल्द Job भी मिल जाएगी।

civil engineering in hindi

आजकल बहुत से लोग Engineering के क्षेत्र में जाना चाहते है और सिविल इंजिनियर के बारे में जानना चाहेंते है तो यह लेख आपको Last तक पढ़ना होगा।

हमारा हमेशा से Motive रहा है की शुरुवात से अंत तक हर कोर्स की जानकारी Add की जाए. इसीलिए यहा पर भी हमने Civil Engineer Full Information In Hindi लिखने की कोशिश की है।

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आर्टिकल के मुख्य विषय.

सिविल इंजीनियर क्या है – What is Civil Engineering in Hindi?

यह एक प्रकार की Professional Engineering Branch होती है जिसमे छात्र कोर्स करने के बाद Civil Engineer बन जाते है इस Branch के अन्तर्गत Students को उनको House, Road , बांध, Airport के Design, Building के निर्माण और निर्देशन का कार्य किया जाता है।

मतलब आसान भाषा मे समजाये तो सिविल इंजीनियरिंग सिलेबस planning, constructing, designing, maintaining और supervising infrastructures के आधार पर होता है।

जैसे की खाली पड़े Plot मे घर कितने Area मे बनेगा, घर का Design कैसे होगा ,Bathroom ,Kitchen, हॉल कहा पर होगे इसके बारे से Design किया जाता है।

सिविल इंजीनियर के Design के आधार पर ईंट ,सरिया  आदि सामंग्री मगवाई जाती है। घर को बेहतरीन लुक प्रदान करने के लिए Civil Engineer मुख्य भूमिका निभाता है।

घर के अलावा डैम,नहर, Shopping Mall ,Stedium आदि का निर्माण भी सिविल इंजिनियर के माध्यम से किया जाता है Civil Engineering शब्द का इस्तेमाल Public Sector वाले क्षेत्र में राष्ट्रीय कामो, Private Sector और घरों की Design मे इस शब्द का Use किया जाता है।

तो अब आप समज गए होंगे What Is Civil Engineer In Hindi और भी है निचे जानने के लिए आर्टिकल को पूरा पढ़े। In This Article I Will Guide How To Become A Civil Engineer in Hindi मस्त रहो चलते रहो ।

Civil Engineer कैसे बने सिविल इंजिनियर?

जो भी Students सिविल इंजीनियरिंग बनना चाहता है तो वह 2 तरीके से बन सकता है।

  1. 10th पास करने के बाद Civil Engineering का Diploma,
  2. 10+2 के बाद Civil Engineering का Degree Course.

इसके अलावा Students जो Engineering field से जुड़ना चाहते है उन्हें BTech का undergraduate engineering program उत्तीर्ण करना होगा।

सिविल इंजीनियरिंग कोर्स.

  • B.e In Civil Engineering,
  • B.Tech In Civil Engineering,
  • Diploma In Civil Engineering,
  • M.tech In Civil Engineering.

इस Course को आप कम न समझे Because सबसे ज्यादा Real estate मे पैसा है ।

10th पास करने के बाद Civil Engineering का Diploma.

जब कोई Student 10वी की परीक्षा पास कर लेते है तो Student अपने राज्य सरकार के Technical Education Board के माध्यम से होने वाली Entrance Exam को देना होगा।

Exam में मिलने वाली Ranking के आधार पर Student का Selection किया जाता है कुछ ऐसे भी Collage होते है जो दसवीं की परीक्षा में प्राप्त नंबर के आधार पर Polytechnical Collage में प्रवेश दे दिया जाता है।

Admission मिलने के बाद Students को 3 साल का Course करना पड़ता है इसके बाद वो कहीं Junior इंजीनियर के पद पर जॉब प्राप्त कर सकते है।

12 के बाद Civil Engineering का Degree Course.

12वी की परीक्षा Science Field से पास होने के बाद आप IIT के Entrance Exam में बैठ सकते है अगर Selection Progress की बात करे तो इसमें Merit के आधार पर B.E मे Admission दिया जाता है आपको इसमें 4 साल का Degree Program को Join करना होता हैं।

सफलतापूर्वक Civil Engineering का Course करने के बाद आप किसी भी Government और Private Sector मे जाके इंजीनियरिंग के पद के लिए Apply कर सकते है।

how to become a civil engineering

सरकारी नौकरी करने के लिए आपको Combined Engineering Service के Exam को पास करना होता है।

Civil Engineer की सैलरी.

सिविल इंजीनीरिंग मे 8 Semesters होते है जिनकी exams हर 6 महीनो के भीतर आयोजित होती है। हर Semesters में 4-8 Subjects का Syllabus Civil Engineering मे Cover किया जाता है।

सिविल इंजिनियर के सैलरी की बात करे तो Private Sector में 25000 से 35000 तक की सैलरी दी जाती है कुछ Time बाद  Experience होने पर 1 लाख रुपए पर Month भी कमा सकते है।

Civil Engineer का क्या काम होता है?

सिविल इंजिनियर का काम लंभी दूरी नक्शे, Sarve, Report और दूसरे के Data को Analysis करना ताकि Project  पर अच्छे से काम कर सके।

किसी Project की Planning बनाते समय उसमे लगने वाली लागत, सरकारी नियमो का पालन। Project की तैयारी होने के बाद Local ,State और सुरक्षा विभाग से Permit लेने के लिए Application Submit करना होगा।

Civil Engineer बनने के लिए योग्यता?

सिविल इंजिनियर बनने के लिए Student के पास निम्न योग्यता होनी चाहिए।

Civil Engineering Eligibility.

  • Civil Engineering Course के लिए आवेदक को 10 क्लास पास होना चाहिए। इसके साथ ही आपको 12th पास भी होना चाहिए
  • सबसे जरुरी बात विज्ञान विषयों के साथ-साथ गणित में ५०-६०% तक मार्क होने चाहिए।
  • आवेदक को English, Mathematics, Physics और Chemistry इन Subjects को लेकर Class 12th उत्तीर्ण होना चाहिए।
  • आपके पास Civil Engineering में BE, B.tech या Diploma Course होना चाहिए और 12th में आपके पास PCM होना चाहिए।
  • आवश्यक civil engineering entrance exam का score card आवश्यक है।
  • हर status मे सिविल इंजिनियर कोर्स के लिए अलग-अलग entrance exams है जैसे JEE Main, MHT CET, GATE exam,  IIT, AIEEE, BITSAT और KCET आदि. जो जिस राज्य के लिए जो लागु है उत्तीर्ण होना चाहिए।

इस तरह सिविल इंजिनियर बनने के लिए योग्यता होनी चाहिए. यदि आवेदक अन्य राज्य से सिविल इंजीनियरिंग का कोर्स करना चाहता है तो वह scholarships के लिए पात्र नहीं होगा।

Civil Engineering Course Fees.

अगर आप Entrance Exam देकर सिविल इंजीनियर बनना चाहते है तो इसके लिए आपको Exam की तैयारी के लिए Coaching लगानी होगी।

जिसकी फीस लगभग 50000 से लेकर 100000 तक होती है अगर आप Government College से Civil Engineering करना चाहते है तो लगभग 50 हजार से लेकर 1 लाख तक की फीस आपको देना होगी।

और अगर आप Private कॉलजे से सिविल इंजीनियरिंग करते है तो आपकी फीस 2 लाख से लेकर 5 लाख तक रहती है ऐसा कुछ फिक्स नही है की आप की फीस इतनी ही रहे। कॉलजे की Quality और Campus के हिसाब से सब की फीस अलग-अलग होती है।

सिविल इंजीनियरिंग करने के फायदे और नुकसान.

सिविल इंजीनियरिंग फायदे और नुकसान गिनाये तो फायदे ही ज्यादा है क्योकि किसी भी Course को education sector में अच्छा ही माना गया है।

सिविल इंजीनियरिंग का कोर्स करने का फायदा यह है की आप Site Engineers, Structural Engineers, Construction Engineers, Geotechnical Engineers और Professor/Lecturers आदि बन सकते है।

civil engineering kaise kare civil engineer kaise bane

थोडा सा Advance बताए तो सिविल इंजीनियरिंग के बाद Artificial Intelligence, Augmented Reality और Building Information Modelling मे भी Currier बना बना सकते है.

अब सिविल इंजीनियरिंग के नुकसान की बात करे तो यदि आवेदक इस कोर्स को उत्तीर्ण न कर पाए तो financially नुकसान सिर्फ fees का उठाना होगा इसके अलावा ज्यादा कुछ नही।

सिविल इंजीनियर बनने से जुड़े कुछ सवाल.
  1. B.E.और B.Tech कितने साल की डिग्री होती है

    B.E.और B.Tech डिग्री 4 साल की होती है.

  2. B.E.और B.Tech की फुल फॉर्म क्या है

    B.E.की फुल फॉर्म Bachelor Of Engineer होती है और B Tech की फूल फॉर्म Bachelor Of Technology होती है।

  3. इंजीनियर बनने के लिए PCM होना जरूरी है क्या?

    हाँ, इंजीनियर बनने के लिए आपके पास PCM होना जरूरी है। और इसके साथ साथ 12 में 60% से ज्यादा मार्क्स होना चाहिए।

  4. इंजीनियरिंग के लिए कितने Entrance Exam होते है ?

    वैसे तो JEE Mains और JEE Advance एक ऐसे एंट्रेंस Exam है जिसके नंबर के आधार पर आपको अच्छे कॉलजे मिलते है इसके अलावा कई University Engineering के लिए खुद का Entrance Exam कराती है जिसमे पास होने के बाद आपको कॉलजे मिलता है।

  5. क्या 12th के साथ साथ Entrance Exam की तैयारी की जा सकती है?

    हाँ, बिल्कुल काफी सारे ऐसे Students है जो 12th के साथ साथ Entrance Exam भी Clear कर लेते है बस इसके लिए आपको 12th क्लास में Deeply पढ़ना होगा।

  6. Civil Engineering Admission कब होता है?

    सिविल इंजीनियरिंग कोर्स एडमिशन हर वर्ष जून-जुलाई महीने में रिजल्ट जारी होने के बाद शुरू हो जाते है. इसीलिए जुलाई से पूर्व सिविल इंजीनियरिंग ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरुर करवाए.

  7. क्या Civil Engineering को Abroad में Scope है?

    भारत हो या Abroad civil engineering scope बहुत ज्यादा है Because अब Development का काम बहुत बढ़ गया है हर जगह जैसे की बड़ी-बड़ी construction industry, Highways, Defence or military services और Bunglows आदि का निर्माण.

  8. सिविल इंजीनियरिंग के लिए Best Books कौनसे है?

    Civil Engineering Books के लिए Amazon सबसे बढ़िया Place है But ध्यान रहे अपने Syllabus के अनुसार ही सिविल इंजीनियरिंग की किताबे Buy करे.

  9. सिविल इंजीनियरिंग के लिए विषय कौनसे है?

    कोस्टल इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग, अर्थक्वेक इंजीनियरिंग,स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग, एन्विरोमेंट इंजीनियरिंग, जिओटेकनिकल इंजीनियरिंग, फॉरेंसिक इंजीनियरिंग, आउटसाइड प्लांट इंजीनियरिंग और मटेरियल साइंस इंजीनियरिंग आदि Subjects civil engineering के लिए Syllabus में शामिल है.

  10. सिविल इंजीनियरिंग डिप्लोमा और डिग्री मे क्या फर्क है?

    सिविल इंजीनियरिंग के मे डिप्लोमा का ज्कोउरसे तीन वर्ष का होता हैऔर डिग्री लेवल पर civil engineering course करेंगे तो वह चार वर्ष का होता है|

    मतलब Diploma यह 10th Polytechnic के बाद किया जा सकता है और सिविल इंजीनीरिंग डिग्री यह 12th के बाद किया जा सकता है |

  11. सर्टिफाइड सिविल इंजीनियर किसे कहते है?

    हर क्षेत्र मे degree और Licence का होना बहुत जरुरी होता है| जब आपके पास सिविल इंजीनियरिंग करने के बाद degree engineering की आ जाती है तो आप एक Certified civil engineer माने जायेंगे जिसे कोई झुटला पायेगा |

  12. Junior civil engineer और Senior सिविल इंजिनियर में क्या फर्क है?

    इसमे कोई Rocket Science नहीं है जैसा की हमने ऊपर भी पूरी जानकारी दी है की यदि कोई भी उमीदवार Diploma सिविल इंजीनियरिंग के लिए 3 का Course करता है तो वह जूनियर इंजिनियर कहलाता है |

    वही अगर degree 4 years course सिविल इंजीनियरिंग मे करते है तो उस समय आपको Senior Civil Egnineer के रूप में पहचाना जायेगा |

  13. सिविल इंजिनियर बनने के लिए entrance exam देना जरुरी है?

    हर क्षेत्र मे पहले entarance test देना maindatory होता जा रहा है। civil engineering के लिए entrance exam होती है जो IIT और AIEEE के द्वारा आयोजित होती है ।

  14. Civil Engineer और Architecture मे क्या Difference है?

    बहुत फर्क है दोनों मे और उनके कामो में भी फर्क है. Architecture का काम होता है आपके Cunstruction की एक Picture (Image) को निर्माण से पहले ही हुबहू कल्पना से बना देना. मतलब कैसी भी building, apartments और huge cunstructions जिसका निर्माण करना भी अभी बाकि है एक 3d Picture के माध्यम से प्रस्तुत कर देगा।

    अब civil इंजिनियर का काम शुरू होता है. सिविल इंजिनियर यह architecture द्वारा बनाये गए picture की हुबहू नक़ल cunstruction मे तब्दील करने मे अपना दिमाग इस्तेमाल करता है. means सिविल इंजीनियरिंग में practically सब देखा जाता है जैसे कितना cement, still, other materials का इस्तेमाल होना चाहिये।

    इतना ही नहीं Cunstruction को मजबूत बनाने के लिए उसकी नीव कैसे रखी जाए यह काम भी सिविल इंजिनियर का ही होता है. यह फर्क होता है architecture और सिविल इंजिनियर मे।

आज के समय मे भारत में इंजीनियर की कमी नहीं है यहां प्रतिवर्ष लाखो लोग इंजीनियरिंग का Course करके Civil Engineering की Degree लेते है।

आज की इस Post में हमने आपको सिविल इंजिनियर के बारे में संपूर्ण जानकारी दी है की सिविल इंजीनियरिंग क्या होता है Civil Engineer की सैलरी कितनी होती है। हमें बताये आपको civil engineering admission के बारे मे क्या जानकारी चाहिए हम जरुर आपकी Help करना चाहेंगे।