भुतहा जानवर डर पैदा कर देने वाली भूत प्रेत आत्माओ की Bhutiya Jagah वाली डरावनी कहानी.

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दुनिया भर में कई Bhutiya Jagah का जिक्र किया गया है। भूतिया जगहे तो माने रूह के लिए एक घर होता है। bhut ही रूह है और प्रेत ही Atma है ऐसा माना जाता रहा है। Bhutiya Kahani कई जगह जो बहुत अधिक भुत प्रेत आत्मा रूह बाधक होती है बया करती है।

bhutiya jagah jaha bhootiya dogs rahate hai sach me
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यह भूतहा जानवर भी एक ऐसी ही bhutiya jagah की डरावनी कहानी है जो अचंबित और अद्भुत रहस्य पैदा करती है। Bhutiya Ghar कैसे किसी का दम घोट देती है यह इस hindi darawani kahaniya से पता चलता है।

आर्टिकल के मुख्य विषय.

Bhutiya Jagah ! भुतहा जगह।

अमेरिका में डेलावेयर घाटी तथा ब्रिटेन के कई हिस्सों में भुतहा कुत्तों (bhutiya dog) को देखे जाने की घटनाएं सबसे अधिक हुई है। एक मामले में तो एक अनोखा भुतहा प्राणी ब्रिटेन में तहलका मचाने का कारण बना था।

9 फरवरी सन 1855 को पूरे यूरोप के अधिकांश हिस्सों में बर्फीली हवाएं चली और विशेष तौर से ब्रिटेन में तो बर्फ गिरने की वजह से यातायात तथा रोजमर्रा का जीवन ही अस्त-व्यस्त हो गया। दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड के प्रांत डीवोन मे तो प्रत्येक स्थान पर कम से कम 2 इंच मोटी बर्फ की परत जम गई।

मशहूर नदी एक्सईबी जम गई सुबह जब लोग जागे तो पुरे डिओन इलाके मे 100 मिल क्षेत्र मे भवन खेत, बागाणो, छतो से गुजरते हुय चार इंच लंबे तथा ढाई इंच चौडे खुर के निशाण फैले हुए थे। सारे निशाण एक साधी कतार मे थे। प्रतीत होता था कि कोई दो पैरों वाला जानवर अपने पैरों के निशान में सावधानीपूर्वक कदम बढ़ाता हुआ उस इलाके में चला था। वह जगह अब पूरी तरह से bhutiya jagah प्रतीत हो रही थी।

टोटनेस की किचन की बगीचे से रहस्यमई निशानों का सिलसिला आरंभ हुआ पाया गया था और लिटल एम के पास खेतों में जाकर एकायक ओ निशान खत्म हो गए थे।

निकटवर्ती एक गांव मेलडरबन में तो एक पाइप के दोनों सिरों पर यह निशान पाए गए। स्पष्ट था कि वह वह भुतहा जानवर कद में विशाल होते हुए भी मनमर्जी से किसी भी जगह से होकर गुजर सकता था। पाइप की चौड़ाई मात्र 6 इंच की थी। ऐसा लगता मानो उस पूरी bhutiya jagah पर किसी रूह ने कब्जा कर लिया हो।

वुडवरी के चर्च के बाहर जमी हुई सख्त बर्फ पर भी वही निशान मौजूद थे। इतनी सख्त बर्फ पर इतने गहरे निशान बनना तभी मुमकिन था जब लोहे के बने खुरोको दहकती आग में तपाकर वहां रखा जाता। लेकिन कोई भी इंसान अथवा जानवर केवल एक रात में यह कार्य कर ही नहीं सकता था।

एक और पड़ोसी गांव डालिस में ये निशान झाड़ू से होकर गुजर रहे थे। जब डॉग स्क्वाड के कुत्तों से इन निशानों का पता लगाने के लिए कहां गया तो उन्होंने वह जगह सुंग कर ही भोकना शुरु कर दिया। कोई भी कुत्ता लाख कोशिशों के बाद भी आगे नहीं बढ़ा। वह भी कहना चाह रहे थे कि यही वह bhutiya jagaj है जिसे वह तलाश रहे थे।

इस घटना के पश्चात काफी समय तक डिवन के भुतहा जानवर की दहशत फैली रही। मान द्वीप के समय मे ब्रिटेन में कहावत है कि वहां माथी नामक एक भुतहा कुत्ता रहता है। माथी खासतौर से पील महल में देखा जाता रहा है। इस महल में पहरेदार अकेले पहरा देने में हिचकिचाते रहे है।

कई मामलो में संतरी bhutiya dog देखने के पश्चात डर कर बेहोश हि हो गये थे। एक संतरी ब्रेनवुड तो भुतहा कुत्ता देखने के पश्चात मर ही गया। ईस्ट इंग्लिया के उत्तरी क्षेत्र में माथे में नारंगी पीले रंग की केवल एक बड़ी आंख वाले भुतहा कुत्ते को सेंकडो लोगो ने देखा है।

वाल्बसर्विक तथा डनविक के क्षेत्र अमेरिकी वायुसेना के एक उच्चाधिकारी ने अपनी बीवी के साथ 1945 ई में भुतहा कुत्ते को देखा। मार्च का महिना था, कुछ पहले हुई वर्षा से जमीन नम हो चुकी थी। एक रात दोनों सो चुके थे कि अचानक एकाएक नीचे से कुछ आवाजो ने उनको जगा दिया। उन्होंने देखा कि मकान के नीचे एक बड़ा सा कुत्ता जो पहली निगाह में काला गदहा लग रहा था। अपनी नुकीले पंजो से मकान की दीवारों को खुरेच रहा था।

देखते हि देखते उसने निचली मंजिल के दरवाजो को दांतो से चबाना आरम्भ कर दिया। मारे डर के अमरीकी युगल ने घर का सारा सामान उसी दरवाजे के आगे कर दिया ताकी वह भुतहा जानवर अंदर न घुस पाये। जब वह दोनों ऊपर गये तो अचानक ही पूरा घर ऐसे हीलने लगा जैसे भूकंप आ गया हो। उन्होंने जाकर नीचे देखा तो वही कुत्ता दौड़कर पीछे जाता था और फिर दौड़ता हुवा आकर मकान से यु टकराता था कि पूरा घर दहल उठता था।

उसके बाद वह कूद कर मकान की छत पर चढ़ने की चेष्टा करने लगा। मगर जब सुबह हुई तो उन्होने देखा कि बाहर कहि किसी प्रकार की क्षति का कोई नामो निशान तक नही था। जिस दरवाजे को वह कुत्ता चबा रहा था, जिन दीवारों से वह टकरा रहा था और जिस जगह तक वह बार बार दौडकर आता जाता था वहां भी किसी तरह का कोई निशान नही था।

ब्रिटेन के पश्चिमी इलाके डार्टमुर में सेंकडो वर्षो से भुतहा कुत्तो का एक समुह देखा जाता रहा है। उनकी आवाजो को मिलो दूर तक सुना जाता है। जांच पड़ताल करने पर पता नही चल पाता है कि आवाजे किधर से आती है। भुतहा मामलो में भूत प्रेतों के साथ सिरकटे घोड़ो का दिखायी देना तो बेहद ही साधारण घटना मानी जाती है।

एक और भुतहा जगह.

चीन, भारत, पाकिस्तान तथा अरब देशो में भी ऐसी तमाम कहानियां है। जापान में नाबेशीमा की भूतहा बिल्ली के विषय मे तरह तरह के विषय है इसी प्रकार की भूतहा बिल्ली हरकते विषेशतौर से आयरलैंड में पायी गयी है। वहा डुबलीन के खाड़ी के करीब किलाकी भवन में सेकड़ो बार एक काली कद्दावर बिल्ली को देखा गया। विशेषकर सन 1968 ई से सन 1970 दौरान तो वह बिल्ली तरह तरह के करतब करती रही।

आज तक वहा भुतहा बिल्ली बेखौफ जहा तहा प्रकट होती पायी जाती है। मौजूदा घटनाएं किलाकि इमारत को श्रीमती मार्गारेट ओ ब्रायन द्वारा खरीदकर वहा आयरिश आर्ट सेंटर बनवाने के साथ ही आरम्भ हुई। जिन दिनों कोलाकि भवन को नए सिरे से ठीक किया जा रहा था तब भुतहा बिल्ली पहली बार दिखायी दी। हालांकि उस इलाके में करीब 60 वर्षो से उसकी कहानियां सुनी जाती थी।

ख्यातिप्राप्त चित्रकार टॉम मैकेसे श्रीमती ब्रायन के साथ सन 1968 में भवन में नई सजावट में लगा था। उनके साथ दो स्थानीय आयरिश मुल के मजदुर भी कार्य कर रहे थे। एक रात सोने से पूर्व उन लोगो ने भीतरी दरवाजे को बंद करके उसने 6 इंच मोटा एक पेंच लगा दिया। थोडी हि देर के बाद वह पेंच गायब हो गया। दरवाजा स्वयं खुल गया। हिम्मत करके मैकेसे अपने मजदूर साथीयो के साथ गलीयरे मे आये। वहा अंधेरा था।

एक तरफ उन्होने कहा,’ जो भी है वह बाहर निकलकर आ जाये हमने देखा है तुमको? एक अजीब सी घरघराती आवाज मे दुसरी और से जवाब आया, तुम मुझे देख ही नही सकते। दरवाजा खुला ही रखना वर्णा रास्ता बनाना मुझे वैसे भी आता है। मजदूर भाग लिये, मैकेसी भी दरवाजा बंद करके भागे। मगर दरवाजा फिर खुल गया। उसमे से होकर अच्छे खासे कुत्ते के आकार की एक काली बिल्ली मुख्य हॉल मे आयी और देखते ही देखते उडन छु हो गयी।

आयरीश पोल वॉल्ट चैम्पियन वाल मैकगान ने भी अनेक अवसरो पर इसी भूतहा बिल्ली को देखा था। उन्होने ऊस पर गोलिया भी दागी मगर उसका बाल भी बाका नही हुवा। फ्रांस मे ला खांद्र बेयते ने न मालुम कबसे एक भुतहा सांड दिखायी दिया। वैसे वहा के निवासी तो पुरे चांद की रात मे बाहर जाने से कतराते है।

वहा यह माना जाता है की 300 वर्षे पूर्व ब्रेंतो क्षेत्र मे नग्न घुमने वाली अलौकिक सुंदरी डायना के साथ चलने वाले सेंकडो भूतहा शिकारी कुत्तो के समक्ष आने जाने की खैर नही है। डायना और उसके अलौकिक कुत्तो के विषय मे जर्मनी तथा ब्रिटन मे भी प्रथक-प्रथक मान्यताये है। डायना के रूप सौंदर्य और दमकती देह पर चित्रकारों ने कई Pentings भी बनाई है।

हमे बताइए आपके आसपास या जिस bhutiya jagah के किस्से आप जानते हो। किसी भी प्रकार की भूत प्रेत कौफनाक कहानी, रहस्यमयी डरावनी कहानी यहा पर पब्लिश की जाएगी। अगर यह हिंदी की कहानी भूत की आपको पसंद आयी है तो शेयर जरुर करे।

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