Dobhi Aur Lobhi Gadhe की बेहतरीन हिंदी की कहानी! Bagh Ki Khal Hindi Story Collection.

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प्रिय पाठक, स्वागत है आपका हिंदी कहानी संग्रह की आज की Dobhi Aur Lobhi Gadhe Ki Behatareen Hindi Kahani- Bagh Ki Khal Hindi Story Collection इस पोस्ट पर. आज की हिंदी स्टोरी एक धोबी पर आधारित है जो बेहद रोमांचक हिंदी कथा है. तो चलिए जानते है हिंदी कहानिया की सर्वोत्तम हिंदी स्टोरी कैसी है.

Bagh Ki Khal Pahane Gadhe Ki Aafat- Comedy Story

चंद्रनगर के एक गाँव मे शुद्ध पट नाम का एक धोबी रहता था. उसके पास एक गधा था जिस पर कपडे लाधकर धोबी लाया करता था और ले जा करता था.

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गधे को घास नहीं मिलती.

लेकिन हिंदी कहानी मे मे ट्वीस्ट ये था की उस गधे को भरपूर पेट भर के घास नही मिलती थी. घास की कमी के चलते भूख की वजह से बेचारा गधा बहुत ही दुर्बल हो रहा था.

एक बार धोबी जंगल से आ रहा था अचानक उसे एक Bagh Ki Khal (बाघ की खाल) दिखाई दी. उसने सोचा, अगर यह खाल गधे को पहनाकर उसे खेतो मे चरने छोड़ दिया करू, तो बाघ समजकर मेरे गधे के पास कोई भी नही आएगा और थोड़े ही दिन मे गधा खूब मोटा-तगड़ा हो जायेगा.

धोबी ने वह खाल उठाली. रोज रात होनेपर वह अपने गधे को Bagh Ki Khal का चमड़ा पहनाकर खेतो मे छोड़ देना लगा. वहा गधा भी जी भरकर पेट भरके अनाज खाता. धोबी के सोचने के अनुसार गधा बहुतही मोटा और ताजा-तगड़ा हो गया.

हर रोज की तरह एक रात गधा जब खेत मे मजे से चर रहा था, उसे कही दूर से गधो की ढेंचू-ढेंचू की आवाज सुनाई दी. गधा मस्त हो गया उसे बेहद ख़ुशी हुयी अपने जैसे दुसरे गधो को देखकर वह भी ढेंचू-ढेंचू करने लगा.

बस फिर क्या था? खेत मे हर रोज डरकर रहनेवाले किसानो को भी पता चल गया की Bagh Ki Khal मे यह तो एक गधा है. किसान लाठी लेकर दौड़ा-दौड़ा आया और बोला अच्छा बेटे इतने दिनों से बाघ बनाकर हमको डरा रहा था. गधे को किसान की आवाज नही सुनाइ दी वह तो ढेंचू-ढेंचू चिल्लाने मे मस्त था.

अपनी खाल तक खीच गयी.

किसान गधे के पीछे से आया और गधे को इतना पिटा, इतना पिटा की उसकी Bagh Ki Khal के साथ-साथ अपनी खाल तक खीच गए अरे-अरे बिचारे गधे को इतने मार पढ़ने पर वह वही ढेर हो गया. किसानो ने भी राहत की सास ली.

गधा Bagh Ki Khal पहनकर नकली बाघ तो बन गया और बहुत दिनों तक हमें धोका देने मे भी कामयाब हो गया. लेकिन जब उसकी असलियत खुली तो बेमौत मारा गया.

कहानी से मिलती सिख.

सिख :- अपने सच्चे अवतार मे ही रहे तभी तो कहते है हंस की चाल चलने से कौंवा कभी हंस तो नही बन सकता.

इस प्रकार से Bagh Ki Khal पहने बेचारे गधे को अपनी जान से हाथ धोना पढ़ा. हमेशा बढ़ो से यह सीखना चाहिए की खुद को दूसरो से बेहतर कैसे बनाना है. हमेशा गौर करे और ध्यान रहे कोई कितना भी खुद को दूसरो की कॉपी करले एक न एक दिन पहचान मे आ ही जाते है. बेमौत मरने से बेहतर है खुद का ब्रांड बनो.

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ऊपर दी गयी Hindi Story Collection की Dobhi Aur Lobhi Bagh Ki Khal Pahane Gadhe Ki Behatareen Hindi Kahani आपको कैसी लगी. आशा करते है आपको अवश्य पसंद आयी होगी, अगर पसंद आये तो अपने मित्रो को भी सोशल मीडिया मे हमारी हिंदी कहानिया शेयर करके जरुर गुद-गुदाए. इसीप्रकार की हर बेहतरीन Hindi Story की हर नयी पोस्ट की नोटीफीकेशन अपने ईमेल इनबॉक्स मे पाने के लिए ब्लॉग को सब्सक्राइब जरुर करे.

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