विंडसर महल मे रहने वाले 25 शाही भूत की कहानी ! कैसे हुवा 17 वी शताब्दी मे भूतो का डेरा जानिए सच.

12 वी शताब्दी में बना विंडसर महल, संसार की सबसे प्रसिध्द इमारतों में गिना जाता है. उसकि यह ख्याति महल में पाये जाने वाले भूतों के कारण है. विंडसर के शाही महल में कम से कम 25 भुत मौजूद है. इनमें से अधिकतर को शाही परिवार के मौजूदा सदस्यों तक ने कई बार देखा है. स्थिति यह है कि सन 1977 ई में दो सशस्त्र पहरेदार, हेनरी अष्टम का कद्दावर शाही भुत देखने के बाद अचेत हो गये थे.

विंडसर महल के शाही भूत

विंडसर महल के शाही भूत

इससे पहले तथा इसके बाद भी ऐसी घटनाएं हुई है. चार साल पहले एक सैनिक ने हेनरी अष्टम के इन शाही भूत का जब पीछा किया, तो वह चेहरे पर सख्त नाराजगी के भाव लिये महल की दीवार में एक जगह घुस गया. बाद में उन सैनिक को पता चला की उसी जगह हेनरी के शासन काल में एक दरवाजा हुवा करता था.

राजकुमारी मार्गारेट ने कुछ वर्ष पूर्व इसी महल में महारानी एलिजाबेथ प्रथम का भूत देखा था ऐसा ही अनुभव महल के एक सुरक्षा अधिकारी को जब हुवा तो वह महारानी के भूत के पीछे भागा. लेकिन महारानी शान से चलती हुई एक दरवाजे के पाये में समा गयी. वह दरवाजा सदियो से बंद पड़ा था.

सन 1649 ई में सम्राट चार्ल्स प्रथम का सिर विद्रोहियों ने उड़ा दिया था. उनका शाही भूत अक्सर पुस्तकालय में टहलता देखा जाता है. जॉर्ज तृतीय सन 1817 में पागलपन के अंतिम दौर में नजरबंद कर दिये गए थे. उनकी मौत 29 जनवरी, 1920 ई को हुई थी. जॉर्ज का भूत भी पुरे महल में जहाँ तहा घूमता फिरता नजर आता है.

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सैकड़ो दर्शकों ने कई रातों मे जॉर्ज तृतीय के इस भूत को बड़बड़ाते हुए टहलते देखा है. महल में सन 1927 ई के दौरान एक युवा संतरी ने स्वयं को गाली मार ली थी. उसका भूत भी यहाँ वहा दिखता है. हैरत की बात यह है कि यह भूत, शाही भूत के सामने नही पड़ता.

इस घटना से अनजान कई संत्रीओ ने तो अपनी तैनाती का स्थान इस भुतहा संतरी के आने पर, यह समझकर छोड़ दिया की शायद उनकी जगह पहरा देने के लिये किसी को भेजा गया है.

पिछले 250 सालों से रिचर्ड द्वितीय के शासनकाल में, शिकार में सम्राट की सहायता करणे वाले हर्न द् हंटर का भूत भी यहाँ दिखायी देता है. इस भूत की विशेषता यह है कि वह अपने साथ हजारो भेड़ियानुमा भुतहा कुत्ते लेकर महल के पीछे हर्न को देखा और जब वह उसकी और बढ़ता ही चला आया, तो संतरी डरकर अचेत हो गया.

हर्न ने महल में लगे एक पेड़ से लटक कर आत्महत्या की थी. सन 1863 ई में महारानी विक्टोरिया ने उस पेड़ को कटवाकर अपने अलाव में जलवा दिया , तो उसके बाद से हर्न का शाही भूत महल के चारो तरफ हि घुमला पाया जाने लगा.

17 वी शताब्दी में भी महल भूतों से भरा था. तब महल का एक पुराना नौकर पार्कर एक अतिथि सर जॉर्ज विलियर्स के पास उनके पिता का शाही भूत देखने के पश्चात् गया था. पार्कर ने सर जॉर्ज को बताया कि अगर उसने अपने रंग ढंग नही बदले तो उसका बहुत बुरा अंजाम होने वाला है. सर जॉर्ज भूत प्रेतों को नही मानते थे, उन्होंने पार्कर को वहा से भगा दिया. कुछ ही महीने बाद सर जॉर्ज की हत्या हो गयी.

हर वर्ष 12 अक्टूबर को इसी जगह हेनरी की तीसरी पत्नी जेन सेमर का भूत भी दिखायी देता है.वह हाथों में मोमबत्ती लिये महल के एक कोने से दूसरी तरफ जाती देखी गयी है.अपने बेटे एडवर्ड पष्टम को जन्म देने के एक सप्ताह बाद जेन की मृत्यु हो गयी थी. मगर आज तक माँ की ममता, अपने बेटे का जन्मदिवस नही भूली है और ठीक उसी दिन दिखाई देती है.

एडवर्ड एक दुर्बल बालक था. उसे शाही आया सिबेल पेन ने दूध पिलाया था वह भी इस महल में देखी जाती है. मगर सिबेल का शाही भूत बहुत उदास नजर आता है. लगता है उसे अपनी ममता के बदले जो सम्मान मिलना चाहिए था, वह उसे नही मिला था.

सिबेल को सन 1568 ई में महल के पास सेंट मेरी चर्च में दफनाया गया था. फिर सन 1829 ई में चर्च पर बिजली गिरी. चर्च को दुबारा बनाते समय सिबेल की कब्र बर्बाद हो गयी. तभी से महल में सिबेल दिखाई देने लगी. अक्सर वह महल के दक्षिण पश्चिम भाग में ही दिखती है, जहाँ उसका पहले निवास हुआ करता था.

दो घुड़सवार सैनिको के भूत कुछ वर्ष पहले महल में दिखाई दिये थे. उनको देखने के पश्चात महल के एक संतरी ने उनके गायब होने के स्थान की खुदाई करवायी थी.वहा दो कंकाल बरामद हुये. उन कंकालों को पूरे सम्मान के साथ बकायदा पुनः दफनाया गया. उसके बाद कभी भी ये भूत नही दिखायी दिये.

फरवरी, 1917 इ में पुलिस के एक अधिकारी ने महल के इसी हिस्से में दो मर्दो तथा सात औरतों की एक भुतहा टोली को जीवित लोगो को दल समझकर महल का दरवाजा खोल दिया था. उसने बाद में शपथपूर्वक बताया कि कुछ दूर चलने के बाद वे सभी हवा में लुप्त हो गये.

भुतहा घटनाओ से परेशान होकर शाहि खानदान ने इस शाही भूत महल को सदा के लिए त्याग दिया.

बामोरल महल में शाही परिवार तथा उसके सेवको ने विक्टोरिया युग के शाही ओहदेदार जॉन ब्राउन का ठाट बाट वाला छबीला भूत कई दफा देखा. वह अपने शानदार जूतों औऱ लकदक पोशाक के साथ महल के अंदरूनी हिस्सो में पाया जाता है.

सैंडरीघम महल में एक शरारती भूत ने बहुत समय तक महल की जवान नौकरानियों को सताया था. वह उनके कानों के पास जाकर भारी साँस लेता था. नोकरो के कमरे में यही भूत 25 डिसेंबर को अचानक ही आसमान से ग्रीटिंग कार्ड बरसा देता था, तो कभी कभी बिस्तरों की चादरे खींचकर फाड़ डालता था इसीलिए इन्हें शाही भूत कहा जाता है.

विंडसर महल के शाही भूत ! Windsor Mahal Ke Bhoot

विंडसर महल के शाही भूत ! Windsor Mahal Ke Bhoot

ग्रीस के शहजादे राजकुमार क्रोस्तोफर ने इसी महल में एक सुंदर युवती के भूत को देखा था. वह नाक से ऊपर जालीदार नकाब ओढ़े हुए थी, जो 17 वि शताब्दी का फैशन था.बाद में अगले दिन जब राजकुमार महल में घूम रहे थे तो उन्होंने एक दीवार पर उसी प्रकार की वेशभूषा में एक सुंदर युवती का फोटो देखा था. वह डोरोथी वालपोल थी, जिसकी 18 वि शताब्दी में मौत हुई थी.

उसका विवाहित जीवन बेहद दुखमय रहा था. खास बात तो यह है कि सन 1786 ई में डोरोथी का भूत जॉर्ज चतुर्थ ने भी देखा था. इसी शताब्दी के आरम्भ में हुए सम्राट एडवर्ड सप्तम के निजी सचिव मेजर जॉन ग्वेनी ने महल में अपनी मेज पर बैठ हुए ही अपनी पिस्तौल से स्वयं को गोली मार ली थी. उनका भूत विंडसर के महल में आमतौर पर दिखायी देता है.

कोट्सवोल्डस महल में राजकुमारी एनी और कैप्टन मार्क फिलिप्स रहते है, उनका आवास एक भयानक तथा कद्दावर काले कुत्ते के भूत के कारण चर्चित है. उस कुत्ते को आडीन का हाउंड कहा जाता है. केनसिंगटन महल में तीन भूत रहते है, एक अद्न्यात व्यक्ति का आवारा भूत है, जो यूं ही इधर उधर भटकता है.

महारानी विक्टोरिया की बुवा सोफिया भी यहा दिखाई देती है. सम्राट जॉर्ज द्वितीय का भूत आसमान की तरफ् देखता हुआ पाया जाता है. उसकी आवाज स्पष्ट सुनी जा सकती है. वह कहता है, वे लोग क्यों नही आये. मरने से पूर्व 25 अक्टूबर 1760 ई को जॉर्ज द्वितीय को अपने जन्मस्थान हेनोवर से किसी संदेश की प्रतीक्षा थी.

चर्चित राजकुमार चार्ल्स एवं उनकी पत्नी डायना के निवास ग्लुसेस्टरशायर महल में अभी तक तो किसी भूत की जानकारी नही है. मगर सन 1981 ई में जहाँ शाही युगल ने शादी की थी, उसी सेंट पाल गिरजाघर में एक भूत की कहानी सुनने में आयी. गिरजाघर में सजावट का काम चल रहा था, तभी दिवार में एक जगह से एक लकड़ी के बॉक्स में अनेक हीरे जवाहरात मिले.

उन्हें ब्रिटिश म्यूजियम को दे दिया गया. वहा से उन जवाहरातों को एक विशेषदन्य के पास भेजा गया. वह विशेषदन्य और इसकी बेटी जवाहरात साफ कर रहे थे की तभी कमरा अचानक ही बहुत ठंडा हो गया. वहा अचानक ही एक पतला और लंबा व्यक्ति एलिजाबेथ युग की पोशाक पहने दिखाई दिया . वह बहुत नाराज था. लगता था कि मर कर भी वह लालच से पीछा भी छुड़ा पाया था.

जब इन जवाहरातों तथा जेवरों का म्यूजियम में प्रदर्शन किया गया, तो वहा एक महिला बेहोश हो गयी. उसने होश में आने पर बताया कि एक हार पर खून ही लगा था, जबकि हार साफ था. हार पर खून और जवाहरातों के साथ लंबे पतले आदमी के भूत का किस्सा आज तक एक रहस्य ही है. यह बात दूसरी है कि उसके बाद किसी को न तो भूत दिया और न खून. आखिर सच मे इन सब भूतो पर शाही भूत नाम काफी जचता है.

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