डरावनी खोपड़ी The Horror Activities in Hindi ! प्राचीन कालीन भूतहा खोपड़ियो का रहस्य.

किसी को Manoranjan Kahaniya पसंद होती है तो किसी को प्राचीन कालीन डरावनी कहानिया सुनने और पढ़ने मे Interest होता है. अगर आप भी Paranormal Activities Story पढ़ने के आदि है तो आज आप कई डरावनी खोपड़ियो के रहस्य के बारे मे जानेंगे जो प्राचीन कालीन है.भूतहा खोपड़ियो का रहस्य ! डरावनी खोपड़ी The Horror Activities in Hindi

5 भूतहा खोपड़ी की कहानिया.

महारानी एनी का दक्षिणी प्रांत डारसेटशायर के ब्राडविंडसर तथा लेमिरेगिस इलाके के बिच पुराना महल एक भुतहा खोपड़ी की वजह से पूरी दुनिया मे प्रसिद्ध है. इस महल को Marsh wood Willa कहा जाता था. पर अब लोग इसे चिखती खोपड़ी का घर कहते हैं.

कारण यह है कि इस स्थान में रखी खोपड़ी को जब-जब सम्मानपूर्वक दफनाने के लिए बाहर ले जाने का प्रयास किया गया, वह जोरों से चीखने लगी. Britten के विख्यात न्यायधीश तथा High Court के जन J. S. Udaal ने सन 1872 ई. मे बेटीसकांबे महल में रखी इस खोपड़ी की पूरी कहानी दुनिया के सामने प्रस्तुत की.

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उन्होंने बताया कि जिस किसी ने भी इस खोपड़ी को बाहर ले जाने की कोशिश की या हटाना चाहा, तभी खोपड़ी अपने स्थान पर ही चीखने लगती है और उसे उठाने वाला व्यक्ति वर्ष के भीतर ही मर गया.

उपलब्ध लेखक के जानकारी अनुसार 18 वी शताब्दी में इस जायदाद का मालिक हजारिया पीनी एक साजिश में देशद्रोह के अपराध में सन 1685 मे न्यायाधीश जेफरी द्वारा वेस्टइंडीज भेज दिया गया. उसका पोता जेम्स पीनी वहां से वापस आते समय अपने साथ एक अफ्रीकी आदिवासी को दास बनाकर ले आया.

उस गुलाम का नाम बेटीसकाम्ब रखा गया था. कुछ समय बाद बीमारी के कारण वह मरने लगा तो उसने अभिलाषा व्यक्त कि की उसे उसकी मातृभूमि में दफनाया जाए, वह ब्रिटेन की जमीन में दफनाया जाना पसंद नहीं करेगा.

इसके बाद जब वह मर गया, तो पीनी परिवार के नौकरों ने मालिक के आदेश के आगे मरने वाले की शिक्षा को महत्व नहीं दिया. मगर जब बेटीस्काम्ब की कब्र खोदी गई और उसमें उसका शव उतारा गया, तो पूरे इलाके में अजीबोगरीब घटनाएं होने लगी.

पूरा मकान हिलने लगा, पीनी परिवार के खेतों की खड़ी फसल रातों रात सूख गई, पर मरने लगे, भुतहा चीखें सुनाई देने लगी इससे छुटकारा पाने हेतु उन लोगों ने बेटीस्काम्ब के शरीर को कब्र से निकाल कर जला दिया पर मिलने पर आखिरी इच्छा पूरी करने को काट कर सुरक्षित रख लिया.

उस की आत्मा की शांति की प्रार्थना भी की गई थी. एक अनुष्ठान में उसकी आत्मा से यह प्रार्थना की गई कि जब तक उसके देश ले जाकर उसके खोपड़ी दफनाने दी जाए, तब तक वह तसल्ली रखें. कहा जाता है कि सन 1914 में इस खोपड़ी से खून भी बहा था लेकिन इसका कारण अज्ञात है. इस खोपड़ी को लेकर दूसरी कई कहानियां भी चर्चित है.

फ्रांस के एक पत्रकार ए. जे.प्यु. के पास 17 वी शताब्दी की खोपड़ी थी, उसका नाम उन लोगों ने फर्डिनेंड रखा हुआ था. पीयू खानदान US के लुसियाना फ्रांस में रहता था. उनका मानना था कि फर्डिनेंड भी घर से बाहर निकाले जाने पर चिकने लगता है. घर के भीतर जब भी उसकी चीख सुनाई गई, सभी परिवार में ही किसी की मौत हो जाती है.

जैसे कि सन 1971 में खुद A. J. Pyu की मौत से पूर्व इस खोपड़ी को रात में रोते सुना गया था. पर पीयू ने समझा था कि उसके माता पिता में से कोई मरने वाला है ब्रिटेन के यार शायर क्षेत्र में बर्टन एग्नेस हॉल महारानी एलिजाबेथ के समय की वास्तु कला का अद्भुत नमूना है.

सर हेनरी ग्रिफिन ने 1598 में बनवाया था. उनकी बेटी यह नहीं ग्रिफिथ की दीवानी थी. मरते समय उसने यह इच्छा की थी कि उसका सिर काटकर सुरक्षित रूप से इसे मकान में रखा जाए. पर इस भयानक इच्छा को पूरा करना किसके लिए संभव था, अंतः एनी को वैसे ही दफना दिया गया. तुरंत ही बाद रातों में तरह तरह की आवाजें और दूर कहीं जैसे वह कुहे के अंदर से किसी के चीखने की आवाज सुनाई देने आरंभ हो गई.

कार्य नहीं किया अंतिम इच्छा का पालन किया गया. अनिका भूत भी अक्सर इसी जगह के करीब घूमता देखा गया. काफी समय के बाद सन 1900 में सरकारी हस्तक्षेप को रोकने के लिए एनी की खोपड़ी को इस आवास की एक दीवार में मुख्य कक्ष के अन्दर दफना दिया गया. उसके बाद से भूत भी कम दिखाई देने लगा.

सन 1641 मे क्या अपराध में एक कैथोलिक पादरी का सर कलम कर दिया गया था और उसे मानचेस्टर की मीनार पर लोगों को चेतावनी देने के लिए लटका कर रखा गया. फिर लिसेस्टरशायर मे एक कैथोलिक परिवार के सदस्य उसे वाड्रालेह नामक इमारत में ले गए, जहां सीढ़ियों के पास ही उस खोपड़ी को सम्मान के साथ एक मेज पर रखा गया. तभी खोपड़ी को अपने स्थान से हटाया जाने पर रात को तेज हवाएं चलती है और Horror Activities आरंभ हो जाती है.भूतहा खोपड़ियो का रहस्य ! डरावनी खोपड़ी The Horror Activities in Hindi

समरसेट के शिल्टन कैंटेलो स्थित Farm House में 70 से खोपड़ी रखी है. थियोफिलस ब्रूम नामक धनी किसान ने अपनी वसीयत में कहा था की उसकी रखी जाए जहां उसे संसार का कोई भी व्यक्ति समरसेट आने सरलता से देखें. भ्रूण की खोपड़ी को उसकी जगह से हटाने पर भी Horror Activities Start हो जाती है.

मिश्र, अरब और अफ्रीका में कई क्षेत्रों में इस से मिलती-जुलती Horror Stories सुनी जाती है, उनका पूरा ब्यौरा नहीं मिलता. हां, यह बात अहम है कि BetisKamb की खोपड़ी के बारे में की गई वैज्ञानिक खोज से यह पता चला है कि वह किसी Prehistoric Women (प्रागैतिहासिक महिला) की खोपड़ी (Khopdi) है.

महिला की आयु 25 साल के आसपास होनी चाहिए. यह रहस्यमई खोपड़िया उनके स्थान से हटाया जाने पर पिंजरे में बंद चूहे की भांति छींक क्यों मारती है, यह समझा और बताया जाना असंभव है. भले ही कई लोगो द्वारा Bhoot Sadhana ही क्यों ना सीखी हो. Paranormal Science कुछ भी क्यों ना कहे लेकिन कभी-कभी भुत पिशाच के मामले मे तंत्र मंत्र यंत्र साधना भी काम करना बंद कर देती है.

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आशा करते है आज की डरावनी खोपड़ी की भूत की कहानी आपको जरुर पसंद आयी होगी. अगर आपको भुत प्रेत की हिंदी कहानिया पढ़ते हुए मजा आये तो इन्हें सोशल मीडिया मे जरुर शेयर करे. इसी प्रकार की Bhut Pret Ki Kahaniya Read करते रहने के लिए ब्लॉग को Subscribe जरुर करे.

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